Highlights
- अमेरिका में मिडटर्म चुनाव
- ट्रंप के लिए मिडटर्म अहम परीक्षा क्यों
- ट्रंप ने समर्थकों से की क्या की अपील
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के लिए एक बड़ी परीक्षा हैं। मतदाता यह तय करेंगे कि कांग्रेस पर रिपब्लिकन का नियंत्रण बना रहता है या डेमोक्रेट्स एक या दोनों सदनों में फिर से जीत हासिल करते हैं। हालांकि ट्रंप खुद चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, लेकिन इस चुनाव को उनके राष्ट्रपति कार्यकाल पर एक जनमत संग्रह (रेफरेंडम) के रूप में देखा जा रहा है। जीवन-यापन की लागत, महंगाई और ईरान के साथ युद्ध मतदाताओं के लिए बड़ी चिंताएं बन गई हैं। इससे डेमोक्रेट्स को प्रशासन के प्रति लोगों की नाराजगी को चुनावी फायदे में बदलने का मौका मिल गया है।
कितनी सीटों पर होता है चुनाव
अमेरिका में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, जबकि 36 राज्यों में गवर्नरों का चुनाव किया जा रहा है। अगर डेमोक्रेट्स किसी भी एक सदन में जीत जाते हैं, तो इससे ट्रंप के विधायी एजेंडे पर काफी रोक लग सकती है और उनके प्रशासन के खिलाफ कांग्रेस की जांच के रास्ते खुल सकते हैं। ट्रंप ने खुद इस चुनाव को अपने राष्ट्रपति कार्यकाल पर एक फैसला (वर्डिक्ट) बनाने की कोशिश की है।
ट्रंप की अग्रिपरीक्षा क्यों है चुनाव
ट्रंप ने लोगों से वोट करने की अपील की और साथ ही अपने समर्थकों से कहा है कि वे "ऐसा मानें जैसे कि मैं खुद चुनाव लड़ रहा हूं"। मिशिगन सीनेट के उम्मीदवार अब्दुल अल-सैयद सहित डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों पर उनके हमलों ने भी उन्हें इस चुनावी अभियान के केंद्र में बनाए रखा है। चुनाव के नतीजे ट्रंप के कार्यकाल के आखिरी दो वर्षों की राजनीतिक तस्वीर तय करेंगे और 2028 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले अमेरिकी राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।
न्याय विभाग ने 1,000 पर्यवेक्षकों को तैनात किया
असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल हरमीत ढिल्लों ने 'X' पर एक पोस्ट में बताया कि अमेरिकी न्याय विभाग चुनाव के दिन सभी 50 राज्यों में 1,000 से अधिक निगरानीकर्ताओं और पर्यवेक्षकों को तैनात कर रहा है। ढिल्लों ने लिखा, "हर अमेरिकी का वोट गिना जाना चाहिए।" उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि यदि उन्हें कोई समस्या आती है, तो वे स्थानीय चुनाव अधिकारियों या न्याय विभाग के नागरिक अधिकार प्रभाग (सिविल राइट्स डिवीजन) को इसकी सूचना दें। उन्होंने अपनी चिंताओं को दर्ज कराने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर और ईमेल पता भी साझा किया।
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